अशोक सहगल
लुधियाना, यूटर्न 20 अप्रैल : जिले में विभिन्न अस्पतालों में जिम सरकारी अस्पताल भी शामिल है डेंगू के 300 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं परंतु स्वास्थ्य विभाग ने इनमें से एक मरीज में डेंगू के पॉजिटिव होने की पुष्टि की है स्वास्थ्य विभाग में जिस मरीज में डेंगू पॉजिटिव होने की बात कही है वह बहादुरके रोड के समीप आंनद कालोनी का रहने वाला है क्योंकि स्वास्थ्य अधिकारी भी स्थिति को थोड़ा गंभीरता से ले रहे हैं जिसके चलते उन्होंने सैटिनल सर्विलेंस सेंटरों में टेस्टिंग तेज कर दी है। चार सैटिनल सर्विलेंस सेंटरों सिविल अस्पताल लुधियाना, सब डिवीजनल अस्पताल खन्ना, जगराओं व रायकोट में डेंगू के संदेह में तीन सौ से अधिक मरीजों के सैंपल टैस्ट किए जा चुके हैं, यह सैंपल विभिन्न अस्पतालों में पॉजिटिव आज के मरीजो के हैं जिन्हें क्रॉस सैंपलिंग के नाम पर नेगेटिव करार दिया जा चुका है स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि डेंगू जांच के लिए एलिजा विधि ही सर्वोत्तम है परंतु अस्पतालों से एकत्रित किए गए पुराने सैंपलों की दोबारा एलिजा विधि से जांच करना कई प्रकार के संशय पैदा करता है
हर शुक्रवार डेंगू पर वार कैंपेन की आई याद
स्वास्थ्य अधिकारियों को कहना है कि डेंगू के लारवा को पैदा होने से रोकने के लिए शुक्रवार को पूरे राज्य में 'हर शुक्रवार डेंगू ते वार' कैंपेन शुरू कर दी गई, जिसके तहत एंटी लारवा विंग की टीमों ने लुधियाना में करीब एक जगह की चैकिंग की। इस दौरान चंद्र नगर, सुनेत, साबुन बाजार, दाना मंडी, इडब्लयूएस कालोनी, अशेक नगर, टिब्बा रोड, हरगोबिंद नगर, एमसीएल कालोनी, आजाद नगर व रणजीत नगर में चैकिंग की। इस दौरान सुनेत में एक वाटर कूलर से डेंगू का लारवा मिला, जिसे मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया
हर शुक्रवार सुबह 9 से 10 बजे तक चैक होंगे हॉटस्पॉट
हालांकि जिला स्वास्थ्य विभाग जिले में डेंगू के केसों को नकारता आ रहा है परंतु डेंगू के खतरे के मद्देनजर स्टेट हैडक्वार्टर ने हर शुक्रवार डेंगू ते वार मुहिम के तहत सुबह 9 से 10 बजे तक हॉटस्पॉट (डेंगू के सबसे संभावित इलाको) को चैक करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। अर्बन एरिया में डोर टू डोर सर्वे टीमें बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं। इन टीमों में सेहत विभाग के कर्मचारियों के अलाधा नर्सिंग, मैडीकल व फार्मेसी कालेजों के स्टूडेंट्स, नगर निगम का कर्मचारी, रेजिडेंट वैल्फेयर एसोसिएशन एनजीओ या विलेज हैल्थ सैनिटेशन कमेटी के कर्मचारी शामिल होंगे।
अस्पताल देते हैं गलत रिपोर्ट तो क्यों नहीं करता सेहत विभाग कार्रवाई
लोगों का कहना है कि अगर अस्पताल डेंगू के मामले में गलत रिपोर्टिंग दे रहे हैं तो स्वास्थ्य विभाग उन पर कार्रवाई क्यों नहीं करता उनका कहना है कि अस्पतालों ने 300 मरीजों में डेंगू पॉजिटिव होने की बात कही परंतु स्वास्थ्य विभाग ने एक मरीज में डेंगू पॉजिटिव होने की रिपोर्ट पेश की है अगर 299 मामले झूठ है तो स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों पर क्या कार्रवाई की है ?
एलिजा टेस्ट आता है विकली पॉजिटिव परंतु स्वास्थ्य विभाग नहीं करता जांच
विशेषज्ञों का कहना है कि एलिजा विधि से की गई डेंगू की जांच में पहली बार टेस्ट नेगेटिव आता है परंतु एक सप्ताह बाद दोबारा जांच करने में सही स्थिति का आकलन हो पाता है विशेष परिस्थितियों में इस कराना आवश्यक है परंतु अधिकतर मामलों में मरीज इसी बीच ठीक होकर घर जा चुके होते हैं परंतु स्वास्थ्य विभाग में अपनी कारगुजारी दिखाने के लिए नेगेटिव आई रिपोर्ट को ही सही बनाकर पेश करता है और वीकली टेस्ट के लिए कभी प्रयास नहीं करता नाही सीबीसी टेस्ट दोहराए जाते हैं।