Uturn Time
Breaking
Chandigarh: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश, नंबर सीरीज बदलाव पर शुल्क नहीं Chandigarh: सीएम सैनी का सुझाव, टैंक बनाकर बढ़ाएं माइक्रो इरिगेशन Chamoli: 225 दिन बाद खुले हेमकुंड साहिब के कपाट, 5 क्विंटल फूलों से सजा धाम, 3000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन Gurdaspur: शादी के 3 महीने बाद फौजी ने सुसाइड किया, पत्नी प्रेमी संग भागने पर उठाया कदम, पुलिस ने नहीं की थी सुनवाई Chandigarh: लेह में भारतीय सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश, तीन आर्मी ऑफिसर बचे, मेजर जनरल ने सेल्फी ली New Delhi: सोशल मीडिया पर दिल्ली के तापमान को लेकर हड़कंप, दिल्ली का पारा 42 डिग्री या 65? Chandigarh: रंगला पंजाब पहल से पर्यटन क्षेत्र को मिल रही नई उड़ान : डॉ. संजीव कुमार तिवारी Hoshiarpur: केवल सत्संग ही आत्मिक शांति, प्रेम और आपसी सद्भाव का माध्यम Hoshiarpur: ओहरी ने वृद्ध आश्रम और कुष्ट आश्रम में सेवा करके सादे और प्रेरणास्रोत ढंग से मनाया जन्मदिन जमीनीं विवाद में भतीजे ने किया चाचा का मर्डर, डंडे से किया वार 225 दिन बाद खुले हेमकुंड साहिब के कपाट, 5 क्विंटल फूलों से सजा धाम, 3000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन Phagwara: राज्यसभा सीटों और मंत्रियों के पद बेचने संबंधी क्रिकेटर हरभजन सिंह के आरोपों का जनता को जवाब दे भगवंत मान
Logo
Uturn Time
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की प्रगति की समीक्षा
चंडीगढ़, 15 अप्रैल- हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक उच्च स्तरीय बैठक में महत्वाकांक्षी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) हिसार परियोजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान परियोजना से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों को शीघ्रता से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और इसके समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नागरिक उड्डयन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा ने बताया कि परियोजना विभिन्न मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रही है। योजना निर्माण, बुनियादी ढांचा विकास तथा नियामकीय स्वीकृतियों पर समानांतर रूप से कार्य किया जा रहा है। अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत विकसित की जा रही यह परियोजना हिसार को आधुनिक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 1,605 एकड़ क्षेत्र में फैली इस परियोजना के बड़े हिस्से को पर्यावरण सम्बन्धी मंजूरी मिल चुकी है, जबकि शेष क्षेत्र के लिए स्वीकृतियां अंतिम चरण में हैं। इस क्लस्टर में बड़े पैमाने पर विनिर्माण निवेश आकर्षित करने और हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की क्षमता है। बैठक में नागरिक उड्डयन, सिंचाई एवं जल संसाधन, बिजली वितरण कंपनियों और परियोजना से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।