चंडीगढ़/यूटर्न/13 अप्रैल। हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने सोमवार को पंचकूला, अंबाला और सोनीपत नगर निगमों के चुनावों की घोषणा कर दी। नगर निगम मेयर पद के लिए चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा 30 लाख रुपये तय की गई है, जबकि सदस्य पद के लिए यह सीमा 7.50 लाख रुपये रखी गई है। नामांकन 21 अप्रैल से 25 अप्रैल तक स्वीकार किए जाएंगे। नामांकनों की जांच 27 अप्रैल को होगी, जबकि नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 28 अप्रैल है। इसी दिन चुनाव चिह्न भी आवंटित किए जाएंगे। यदि दोबारा मतदान की आवश्यकता हुई, तो यह 12 मई को कराया जाएगा और परिणाम 13 मई को घोषित किए जाएंगे। मुख्य मुकाबला कांग्रेस और सत्ताधारी पार्टी भाजपा के बीच होने की उम्मीद है। दोनों पार्टियों ने पहले ही अपने-अपने चुनाव चिह्नों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में LPG संकट और स्थानीय मुद्दे हावी रहने की संभावना है।
चुनाव में बैंक घोटाले के मामले में रह सकते हावी
पंचकूला में, 150 करोड़ रुपये के कोटक महिंद्रा बैंक घोटाले और 590 करोड़ रुपये के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाले से जुड़े आरोप भी हावी रहने की संभावना है। इन दोनों घोटालों में पंचकूला नगर निगम का पैसा शामिल है। पंचकूला और अंबाला, दोनों में 20-20 वार्ड हैं, जबकि सोनीपत में 22 वार्ड हैं। पंचकूला और सोनीपत में मेयर के पद अनारक्षित हैं, जबकि अंबाला में मेयर का पद पिछड़े वर्ग (B) की महिला के लिए आरक्षित है।
रेवाड़ी नगर परिषद के लिए भी चुनाव होंगे
इन नगर निगमों के अलावा, रेवाड़ी नगर परिषद के लिए भी चुनाव होंगे, जहां अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है। रेवाड़ी नगर परिषद में 32 वार्ड हैं। उकलाना (हिसार), धारूहेड़ा (रेवाड़ी) और सांपला (रोहतक) की नगर समितियों के लिए भी चुनाव होंगे; इन सभी में 16-16 वार्ड हैं। सांपला और धारूहेड़ा में अध्यक्ष का पद अनारक्षित है, जबकि उकलाना में यह महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित है। इन स्थानीय निकायों के क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।