12.4.2026
पिछले वालों के अभी, उठने में है देर।
परेशान हैं लोग सब, कहां लगायें ढेर।
कहां लगायें ढेर, जल्द पिछले उठवायें।
कूड़ा घर में भरा, नये हम ढेर लगायें।
कह साहिल कविराय, करें क्या बैठे-ठाले।
नये लगेंगे तभी, हटें जब पिछले वाले।
प्रस्तुति -- डॉ. राजेन्द्र साहिल