अमृतसर /जालंधर यूटर्न 9 अप्रैल सहगल विश्व प्रसिद्ध शाकाहारी बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन की मौत मामले में नया मोड़ सामने आया है। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप और एस आई टी की जांच के बाद फॉर्टिस हॉस्पिटल के चार डॉक्टरों के विरुद्ध पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है उल्लेखनीय है कि जालंधर के रहने वाले वीरेंद्र कुमार के अमृतसर के फोर्टिस हॉस्पिटल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी
अस्पताल के 4 डॉक्टरों के खिलाफ केस
इस मामले में अमृतसर पुलिस ने फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल के 4 डॉक्टरों के खिलाफ बीएनएस की धारा 106 (1) के तहत लापरवाही के आरोप में FIR दर्ज की है। FIR में ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. तपिश शुक्ला, कंसल्टेंट एनेस्थीसिया डॉ. अलका तिवारी, एनेस्थीसिया विभाग की हेड डॉ. राजेंद्र कौर और कार्डियोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. अरुण कुमार चोपड़ा के नाम शामिल हैं।
सर्जरी के दौरान मौत हुई थी मौत
यह मामला 9 अक्टूबर 2025 का है, जब अमृतसर में माईनर सर्जरी के दौरान वरिंदर घुम्मन की मौत हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए थे। परिवार का कहना था कि ऑपरेशन के बाद शव की स्थिति संदिग्ध थी और शरीर का रंग सिर से कंधे तक काला-नीला पड़ गया था।
SIT रिपोर्ट में डॉक्टरों की लापरवाही का आरोप
मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक SIT गठित की गई थी। बीते महीने SIT ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया कि ऑपरेशन के दौरान प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मौत हुई।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच आज फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि उन्हें FIR दर्ज होने की जानकारी मिली है और वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।