चंडीगढ़/यूटर्न/1 अप्रैल। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने बिजली वितरण कंपनी चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (सीपीडीएल) की कार्यप्रणाली पर कड़ा विरोध जताते हुए सुधार न होने पर सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है।
पार्टी अध्यक्ष एचएस लकी ने कहा कि सीपीडीएल के जिम्मा संभालने के बाद शहर में बिजली से जुड़ी समस्याएं बढ़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने बिलिंग व्यवस्था को दो महीने से बदलकर मासिक कर दिया है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है और कंपनी को अग्रिम भुगतान का लाभ मिल रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि एक ही महीने में दो बार बिल भेजने जैसी शिकायतें सामने आई हैं, जो कंपनी की अव्यवस्थित कार्यप्रणाली को दर्शाती हैं। इसके अलावा कर्मचारियों के शोषण, सर्विस रूल्स की अनदेखी और नियमों के उल्लंघन के आरोप भी लगाए गए।
लक्की के अनुसार, हाल ही में शहर के कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली कटौती रही, लेकिन कंपनी की ओर से समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
कांग्रेस ने बिजली विभाग के निजीकरण का विरोध करते हुए पहले किए गए धरने का भी जिक्र किया और कहा कि अब बिजली दरों में हर साल 2% और पांच वर्षों में 11% तक बढ़ोतरी का फैसला आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालेगा।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग के साथ बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।