स्वर्गीय कैप्टन कमलजीत सिंह की बरसी के मौके पर डेराबस्सी में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस बीच मनप्रीत सिंह बन्त्री संधू ने शिरोमणि अकाली दल पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी अपने ही वरिष्ठ नेता को उनकी बरसी पर याद नहीं कर सकी, जो बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
संधू ने कहा कि कैप्टन कमलजीत सिंह जैसे जमीनी और लोकप्रिय नेता को नजरअंदाज करना न सिर्फ उनकी विरासत का अपमान है, बल्कि यह दर्शाता है कि अकाली दल अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अकाली दल अब ‘खाली दल’ बनकर रह गया है। जो अपने ही नेता को सम्मान नहीं दे सके, वह जनता की भावनाओं को क्या समझेंगे और क्षेत्र का विकास कैसे करेंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि बरसी जैसे संवेदनशील मौके पर पार्टी को श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय राजनीतिक रैली करना लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। इस संदर्भ में उन्होंने सुखबीर सिंह बादल द्वारा डेराबस्सी में की गई रैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से गलत और असंवेदनशील था।
मनप्रीत संधू ने कहा कि आज भी डेराबस्सी के लोग कैप्टन कमलजीत सिंह को एक सादगीपूर्ण, ईमानदार और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने वाले नेता के रूप में याद करते हैं। उनके कार्यकाल में क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए, जिनकी छाप आज भी साफ दिखाई देती है।
इस मौके पर संधू ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि यदि भाजपा की सरकार बनती है, तो डेराबस्सी में स्वर्गीय कैप्टन कमलजीत सिंह के नाम पर एक अत्याधुनिक लाइब्रेरी बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह लाइब्रेरी बच्चों और युवाओं के लिए ज्ञान का केंद्र बनेगी, जहां उन्हें बेहतर शिक्षा और पढ़ाई का माहौल मिलेगा।
उन्होंने कहा, “यह लाइब्रेरी कैप्टन साहब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी और आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा से जोड़ने का एक मजबूत माध्यम बनेगी।”
संधू के इस बयान के बाद डेराबस्सी में सियासी माहौल और गरमा गया है। एक ओर जहां अकाली दल पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कैप्टन कमलजीत सिंह की यादें एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बन गई हैं।