पंजाब/यूटर्न/ 24 मार्च। नगर काउंसिल जीरकपुर के वार्ड नंबर 25-26 के अंतर्गत गांव दयालपुरा में वर्षों से अधूरा पड़ा आयुष अस्पताल प्रोजेक्ट अब फिर से सुर्खियों में है। लंबे समय से ‘सफेद हाथी’ बन चुके इस प्रोजेक्ट को जल्द चालू करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आयुर्वेद विभाग पंजाब इस अस्पताल को होशियारपुर स्थित गुरु रविदास आयुर्वेद यूनिवर्सिटी को सौंपने की तैयारी में है, जिससे यहां स्वास्थ्य सेवाएं शुरू होने की उम्मीद जगी है।
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यूनिवर्सिटी ने खुद भेजा प्रस्ताव, सरकार गंभीर
विभागीय सूत्रों के अनुसार, अस्पताल को टेकओवर करने का प्रस्ताव खुद यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से भेजा गया है। पंजाब सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है। खास बात यह है कि इस पर फैसला लेने वाली हाई-लेवल कमेटी में प्रदेश के प्रिंसिपल सेक्रेटरी भी शामिल हैं, जिससे योजना के जल्द अमल में आने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
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60-90 दिन में मरम्मत, चोरी का नुकसान होगा पूरा
बीते समय में अस्पताल भवन में चोरी और रखरखाव की कमी के कारण इसकी हालत खंडहर जैसी हो गई थी। बिजली की तारें, खिड़कियां और सैनिटरी का सामान चोरी होने से प्रोजेक्ट ठप हो गया था। अब विभाग ने 60 से 90 दिनों के भीतर मरम्मत कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। मरम्मत के बाद अस्पताल को यूनिवर्सिटी को सौंपा जाएगा और साथ ही स्टाफ भर्ती प्रक्रिया भी शुरू होगी।
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आधुनिक सुविधाओं के साथ बनेगा ट्रीटमेंट व रिसर्च सेंटर
अस्पताल यूनिवर्सिटी को सौंपे जाने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इसे केवल इलाज केंद्र ही नहीं, बल्कि एक आधुनिक शिक्षण और शोध संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के साथ पंचकर्म और अन्य आयुर्वेदिक उपचार सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। यूनिवर्सिटी के पास पहले से ही संसाधन और विशेषज्ञ स्टाफ मौजूद है, जिससे संचालन में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी।
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ट्राईसिटी के अस्पतालों पर घटेगा दबाव
जीरकपुर ट्राईसिटी का तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है, जहां आबादी करीब 6 लाख तक पहुंच चुकी है, लेकिन यहां कोई बड़ा सरकारी अस्पताल नहीं है। लोगों को सामान्य इलाज के लिए भी चंडीगढ़ सेक्टर-32 या पंचकूला सेक्टर-6 के सरकारी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। ढकोली सीएचसी में सीमित सुविधाओं के कारण अधिकतर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में दयालपुरा में अस्पताल शुरू होने से लोगों को राहत मिलेगी और आसपास के अस्पतालों पर दबाव कम होगा।
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क्या बोले अधिकारी
आयुर्वेद विभाग पंजाब के डायरेक्टर डॉ. रमन खन्ना ने बताया कि दयालपुरा आयुष अस्पताल में हुए नुकसान की भरपाई का काम शुरू कर दिया गया है। अगले दो महीनों में मरम्मत पूरी करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अस्पताल को यूनिवर्सिटी को सौंपने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है और जल्द अंतिम बैठक के बाद इस पर फैसला लिया जाएगा। उम्मीद है कि तीन महीनों के भीतर काम पूरा कर स्टाफ भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।