नई दिल्ली/ यूटर्न/20 मार्च।राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर विवाद राजनीतिक और कानूनी रूप से फिर गरमा गया है। मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित है। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता एसबी पाण्डेय के माध्यम से दस्तावेजों की गोपनीयता का हवाला देते हुए सुनवाई चैंबर में कराने की मांग की, जिसे न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने स्वीकार किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर हमला बोला, जबकि भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कानून सबके लिए समान है और गोपनीयता राष्ट्रीय हित में आवश्यक है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुप्पी साधी, जबकि समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने राहुल का समर्थन किया। कानूनी जानकारों ने चैंबर सुनवाई को सामान्य प्रक्रिया बताया, जबकि कुछ अधिवक्ताओं ने पारदर्शिता पर सवाल उठाए। मामले में राहुल गांधी के जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट रिकॉर्ड और ब्रिटिश नागरिकता के पुराने फॉर्म पेश किए गए, जिनकी प्रामाणिकता पर राहुल पक्ष ने सवाल उठाया। अगली सुनवाई छह अप्रैल को तय की गई है। यह मामला लोकसभा चुनावों से ठीक पहले होने के कारण राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है। कांग्रेस इसे न्यायिक और राजनीतिक साजिश मान रही है, जबकि केंद्र ने कहा कि सभी दावे कानून के अनुसार जांच के योग्य हैं।