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- बीमा कंपनी को राशि 30 दिनों के अंदर देने के निर्देश
मोहाली 15 March। सडक़ हादसे में महिला की मौत के मामले में नेशनल लोक अदालत के दौरान आपसी समझौते के आधार पर पीडि़त परिवार को 16.50 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। बीमा कंपनी को यह राशि 30 दिनों के भीतर दावेदारों को अदा करनी होगी। तय समय में भुगतान न होने की स्थिति में कंपनी को 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना पड़ेगा। यह मामला जिला एवं सत्र न्यायाधीश (मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल) मोहाली की अदालत से संबंधित था, जिसकी सुनवाई नेशनल लोक अदालत में की गई। लोक अदालत की पीठ की अध्यक्षता प्रिजाइडिंग ऑफिसर हरदीप सिंह ने की। मामले के अनुसार 10 अप्रैल 2025 को हुए सडक़ हादसे में सतवंत कौर पत्नी सुखदेव सिंह की मौत हो गई थी। हादसे के बाद पीडि़त परिवार ने मुआवजे के लिए क्लेम पिटीशन दायर की थी। मामले की सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी की ओर से अधिवक्ता सिमरनदीप सिंह ने अदालत में बयान दिया कि कंपनी इस मामले को 16.50 लाख रुपये की राशि देकर पूर्ण और अंतिम समझौते के रूप में निपटाने के लिए तैयार है। दूसरी ओर दावेदारों की ओर से सुखदेव सिंह सहित अन्य परिजन अपने वकील कुनाल मौदगिल के साथ अदालत में पेश हुए और बीमा कंपनी के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि इस समझौते के आधार पर अवार्ड पारित किया जाए, ताकि बीमा कंपनी जल्द भुगतान कर सके। लोक अदालत ने दोनों पक्षों के बयानों को दर्ज करते हुए 16.50 लाख रुपये का अवार्ड बीमा कंपनी के खिलाफ और दावेदारों के पक्ष में पारित कर दिया। आदेश के अनुसार मुआवजे की राशि में से 50 प्रतिशत हिस्सा मृतका के पति सुखदेव सिंह को दिया जाएगा, जबकि 25-25 प्रतिशत हिस्सा उनके बेटे गुरजिंदर सिंह और बेटी हरशदीप कौर को मिलेगा। अदालत ने निर्देश दिया कि बीमा कंपनी अवार्ड की तारीख से 30 दिनों के भीतर भुगतान करे। यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया गया तो कंपनी को क्लेम पिटीशन दाखिल होने की तारीख से लेकर भुगतान होने तक 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। मामले की फाइल को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित न्यायालय में भेज दिया गया है।