हरियाणा/यूटर्न/ 14 मार्च। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ में शनिवार को 12वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत थे। इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू और आईआईटी रोपड़ के निदेशक डॉ. राजीव आहूजा भी उपस्थित रहे। दीक्षांत समारोह में 31 जनवरी 2026 तक अपनी डिग्री पूरी करने वाले कुल 1462 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं। इनमें 827 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर, 557 को स्नातक और 78 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि दी गई। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए 50 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया, जिनमें 30 छात्राएं और 20 छात्र शामिल थे। पीएच.डी. प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में 40 महिला और 38 पुरुष शोधार्थी शामिल हैं। कुल उपाधि प्राप्त करने वालों में 797 छात्र और 665 छात्राएं थीं, जिनमें से 679 हरियाणा और 783 अन्य राज्यों के निवासी थे। मुख्य अतिथि जस्टिस सूर्यकांत ने विद्यार्थियों को रामायण और हरियाणवी खेल कबड्डी के माध्यम से प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में अलग-अलग क्षेत्रों में सफलता के नियम अलग हैं और विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत व ईमानदारी के साथ अच्छे नागरिक और अच्छे व्यक्ति बनना चाहिए। आईआईटी रोपड़ के निदेशक डॉ. राजीव आहूजा ने कहा कि टेक्नोलॉजी के माध्यम से कृषि उत्पादन बढ़ाया जा सकता है और उन्होंने विद्यार्थियों को नौकरी देने वाले बनने का संदेश दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार ने बताया कि यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण था कि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।