Uturn Time
Breaking
Ludhiana: नगर निगम कर्मचारियों का पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन Amritsar: अमृतसर में रेलवे ट्रैक के पास फिर मिला संदिग्ध कैमरा, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप Jalandhar: PM मोदी के स्वागत की तैयारी तेज, केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने लिया इंतजामों का जायजा Amritsar: बब्बर खालसा इंटरनेशनल नेटवर्क पर शिकंजा,हथियारों और विस्फोटकों की खेप बरामद, सीआई ने तीन तस्करों को दबोचा New Delhi: भारत ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का किया सफल परीक्षण, 60 किमी दूर लक्ष्य पर साधा सटीक निशाना Dehradun: उत्तराखंड बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य, 98.7% साक्षरता दर का बनाया रिकॉर्ड Jalandhar: PM मोदी के कार्यक्रम से पहले जालंधर कैंट स्टेशन की तैयारियों का निरीक्षण, रवनीत बिट्टू ने परखी व्यवस्थाएं रेलवे क्वार्टर से मिली टेक्नीशियन की लाश, बदबू आने पर पता चला इनीशिएटर्स ऑफ चेंज के नेतृत्व में सतलुज फिल्म की बहाली को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन सेंसेक्स 1,677 अंक गिरा, गिरावट के तीन मुख्य कारण निकलकर आए सामने जगतार सिंह को मिला प्रमोशन, जॉइंट सीपी ने इंस्पेक्टर पद पर किया पदोन्नत लुधियाना में राजस्व पटवार यूनियन की बैठक, जालंधर में प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़/यूटर्न/ 12मार्च। यूटी प्रशासन के विभिन्न विभागों में लंबे समय से एक ही सीट पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले न होने का मामला अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी ने संसद में यह मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि कई विभागों में अधिकारी और कर्मचारी 10 से 15 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत हैं, जबकि नियमों के अनुसार संवेदनशील पदों पर नियमित तबादले होने चाहिए। इस मुद्दे के सामने आने के बाद चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन ने सभी विभागों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने यहां तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति अवधि की पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जानकारी देने में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विभागों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। कई विभागों में लंबे समय से जमे कर्मचारी बताया जा रहा है कि यूटी प्रशासन के अधीन कई विभागों में अधिकारी वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत हैं। इनमें म्युनिसिपल कारपोरेशन चंडीगढ़ , शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग और पुलिस विभाग जैसे प्रमुख विभाग शामिल हैं। पहले भी यूटी विजिलेंस की ओर से यह निर्देश दिया गया था कि गजेटेड अधिकारियों और संवेदनशील पदों पर तैनात कर्मचारियों का हर तीन वर्ष में तबादला किया जाए, लेकिन कई मामलों में इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। शिक्षा विभाग में भी बड़े फेरबदल की तैयारी सूत्रों के अनुसार चंडीगढ़ के शिक्षा विभाग में भी लंबे समय से एक ही स्कूल या कॉलेज में कार्यरत शिक्षकों, प्रिंसिपलों और नॉन-टीचिंग स्टाफ के तबादले की तैयारी की जा रही है। नए शैक्षणिक सत्र से पहले पांच वर्ष से अधिक समय से एक ही संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों को स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है। इस संबंध में यूटी सचिवालय ने विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और इसी सप्ताह शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में एक अहम बैठक भी प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि संसद में मामला उठने के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़े पैमाने पर तबादले किए जा सकते