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नवीन गोगना अमृतसर, 26 फरवरी : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की आज हुई अंतरिम कमेटी मीटिंग के बाद ज्ञानी रघबीर सिंह को हेड ग्रंथी के पद से रिटायर कर दिया गया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने बहुत कड़ा फैसला लेते हुए श्री हरमंदिर साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह की सर्विस खत्म कर दी है। SGPC प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए ज्ञानी रघबीर सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। SGPC प्रेसिडेंट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि ज्ञानी रघबीर सिंह ने अपनी गतिविधियों से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की रेप्युटेशन को नुकसान पहुंचाया है और संस्था को बदनाम किया है। बताया जा रहा है कि ज्ञानी रघबीर सिंह को एक केस में सबूत पेश करने के लिए 72 घंटे का समय दिया गया था, लेकिन वह तय समय में कोई सबूत पेश नहीं कर पाए। प्रेसिडेंट धामी के मुताबिक, ज्ञानी रघबीर सिंह ने अपने पद पर रहते हुए नियमों और शिष्टाचार की घोर अनदेखी की है। SGPC की इस बड़ी कार्रवाई के तहत ज्ञानी रघबीर सिंह को तुरंत प्रभाव से हेड ग्रंथी के पद से हटा दिया गया है। इस फैसले से सिख जगत और पंथिक हलकों में बड़ी चर्चा छिड़ गई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पहले से ही कई धार्मिक मुद्दों पर विवाद चल रहा था। ज्ञानी रघबीर सिंह के खिलाफ इस सख्त कार्रवाई को SGPC की अंदरूनी राजनीति और अनुशासन के नजरिए से काफी अहम माना जा रहा है।