5 से 6 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहण के लिए जुटाई जाएगी राशि, एरोट्रोपोलिस, इको सिटी-3 और नए सेक्टरों के विकास पर होगा खर्च
गुजरात की टिपसन्स कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को मिला जिम्मा, पूरी राशि जुटाने के बाद ही मिलेगा भुगतान
गुजरात की टिपसन्स कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को मिला जिम्मा, पूरी राशि जुटाने के बाद ही मिलेगा भुगतान
चंडीगढ़।** ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानी **गमाडा** अपनी बड़ी विकास योजनाओं के लिए **₹15,000 करोड़** जुटाने की तैयारी में है। इसके लिए गुजरात स्थित **टिपसन्स कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड** को वित्तीय सलाहकार एवं राशि जुटाने वाली संस्था के रूप में नियुक्त किया गया है। पूरी राशि जुटाने में सफल रहने पर कंपनी को **₹191.16 करोड़ का प्रबंध शुल्क** दिया जाएगा।
इस प्रस्ताव को पंजाब के मुख्य सचिव एवं गमाडा अध्यक्ष **केएपी सिन्हा** की अध्यक्षता में हुई प्राधिकरण की कार्यकारी समिति की बैठक में मंजूरी दी गई। योजना के तहत आवश्यक राशि ऋणपत्रों और बैंक ऋण के माध्यम से जुटाई जाएगी। इनमें जिस माध्यम से कम लागत पर धन उपलब्ध होगा, उसे प्राथमिकता दी जाएगी।
### 5 से 6 हजार एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण
जुटाई जाने वाली **₹15,000 करोड़** की राशि का बड़ा हिस्सा करीब **5,000 से 6,000 एकड़ जमीन के अधिग्रहण** पर खर्च किया जाएगा। इसमें गमाडा की एरोट्रोपोलिस परियोजना, इको सिटी-3 तथा सेक्टर 87, 101 और 103 सहित अन्य प्रस्तावित विकास क्षेत्र शामिल हैं।
जमीन अधिग्रहण के लिए आवश्यक राशि का एक हिस्सा वित्त विभाग के पास जमा कराया जाएगा। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुसार पूरी की जाएगी।
### पहले ही ₹7,653.23 करोड़ की ऋण सीमा
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार गमाडा अब तक विभिन्न बैंकों से **₹7,653.23 करोड़** की सावधि ऋण और अधिक निकासी सीमा प्राप्त कर चुका है। इसमें से **₹6,241.82 करोड़** का इस्तेमाल किया जा चुका है। इस राशि पर भारित औसत ब्याज दर करीब **7.14 प्रतिशत** है।
ऐसे में अब **₹15,000 करोड़** की नई राशि जुटाने की योजना गमाडा की वित्तीय स्थिति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
### खुली निविदा प्रक्रिया से चुनी गई कंपनी
राशि जुटाने के लिए गमाडा ने **25 जून** को प्रस्ताव आमंत्रित किए थे। प्रारंभिक स्तर पर 6 कंपनियों ने रुचि दिखाई थी, जबकि अंतिम वित्तीय निविदा में 2 कंपनियां सामने आईं।
**ट्रस्ट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स** ने इस कार्य के लिए **₹259.50 करोड़** का शुल्क मांगा था, जबकि **टिपसन्स कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड** ने **₹191.16 करोड़** की पेशकश की। कम बोली के आधार पर टिपसन्स को जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया गया।
### 9 महीने में जुटानी होगी पूरी राशि
चयनित कंपनी को तय अवधि के भीतर गमाडा के लिए पूरी वित्तीय रणनीति तैयार करनी होगी। इसमें निवेशकों से संपर्क, साख मूल्यांकन, जरूरी सरकारी एवं वित्तीय मंजूरियां और ऋणपत्र जारी करने से जुड़ी प्रक्रिया शामिल होगी।
योजना के अनुसार साख मूल्यांकन मिलने के बाद पहले 3 महीनों में **₹5,000 करोड़**, अगले 3 महीनों में **₹5,000 करोड़** और शेष राशि कुल 9 महीने के भीतर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
### पूरी राशि जुटने के बाद ही मिलेगा शुल्क
मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के अनुसार वित्तीय सलाहकार का चयन खुली निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। कंपनी को **₹191.16 करोड़ का शुल्क तभी मिलेगा, जब ₹15,000 करोड़ की पूरी राशि जुटा ली जाएगी।**
सरकार के अनुसार यह राशि सामान्य ऋण के बजाय **बुनियादी ढांचा विकास ऋणपत्र योजना** के तहत जुटाई जा रही है। इसका उद्देश्य मोहाली क्षेत्र में नए आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए दीर्घकालीन पूंजी उपलब्ध कराना है।