दिल्ली पर्यटन विभाग की ओर से पीतमपुरा और आईएनए स्थित दिल्ली हाट में आयोजित दो दिवसीय तीज महोत्सव में महिलाओं और परिवारों ने जमकर उत्सव मनाया। करीब 20 फूड स्टॉल और 80 हस्तशिल्प-हथकरघा स्टॉल लगाए गए। मेहंदी, बिंदी, रंगोली, तीज क्वीन, किड्स जोन और सावन के झूले प्रमुख आकर्षण रहे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ऐसे आयोजन संस्कृति और लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाते हैं।
नई दिल्ली (Naren Danu) : सावन की रिमझिम फुहारों के बीच पीतमपुरा स्थित दिल्ली हाट शुक्रवार को हरियाली तीज के रंग में सराबोर नजर आया। कहीं हाथों पर मेहंदी की खूबसूरत डिजाइन सजी तो कहीं लोकगीतों की मधुर तान पर महिलाएं झूमती दिखाई दीं। पारंपरिक परिधानों, नृत्य और सावन के झूलों ने पूरे परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया। तीज महोत्सव में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी कार्यक्रम में पहुंचीं और महिलाओं के साथ तीज का उल्लास साझा करते हुए उन्हें पर्व की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में विधायक राजकुमार भाटिया, तिलक राम गुप्ता और पूनम शर्मा समेत बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
‘तीज सिर्फ पर्व नहीं, आस्था और नारी शक्ति का उत्सव’
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हरियाली तीज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था, प्रेम, प्रकृति और नारी शक्ति का उत्सव है। सावन की हरियाली के बीच मनाया जाने वाला यह पर्व मां पार्वती और भगवान शिव के अटूट प्रेम एवं पुनर्मिलन की पवित्र गाथा की याद दिलाता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखने के साथ समाज में प्रेम, सौहार्द और आपसी जुड़ाव को भी मजबूत करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीतमपुरा दिल्ली हाट में महिलाओं ने पारंपरिक परिधान, मेहंदी, लोकगीत और नृत्य के जरिए भारतीय संस्कृति की खूबसूरती को जिस तरह प्रस्तुत किया, वह दिल्ली की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जीवंत तस्वीर है।
लोक संस्कृति को मंच देने पर जोर
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी में ऐसे सांस्कृतिक मंचों को लगातार प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां लोक परंपराओं और कला को नई पीढ़ी से जोड़ा जा सके। साथ ही कलाकारों, शिल्पकारों और स्थानीय उद्यमियों को अपनी प्रतिभा और उत्पादों को सामने रखने के अवसर भी मिलें।
उन्होंने सभी महिलाओं को हरियाली तीज की शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि भगवान महादेव और मां पार्वती सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशियां लेकर आएं। उन्होंने कहा कि त्योहारों और परंपराओं की यही जीवंतता दिल्ली की सांस्कृतिक आत्मा को और समृद्ध करती है।
मेहंदी से ‘तीज क्वीन’ तक, हर उम्र के लिए आकर्षण
दिल्ली पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय तीज महोत्सव 8 और 9 अगस्त को पीतमपुरा और आईएनए स्थित दिल्ली हाट में आयोजित किया गया। महिलाओं के लिए मेहंदी, बिंदी, रंगोली, ‘तीज क्वीन-मिस तीज 2026’ और ‘बेस्ट ड्रेस फीमेल’ जैसी प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र रहीं।
बच्चों और परिवारों के लिए किड्स जोन, सावन के झूले, सरप्राइज गिफ्ट्स और म्यूजिकल चेयर जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। महोत्सव में करीब 20 फूड स्टॉल और 80 हस्तशिल्प एवं हथकरघा स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों ने पारंपरिक व्यंजनों के साथ स्थानीय कला और शिल्प का आनंद लिया।
महोत्सव ने सिर्फ तीज की खुशियां ही नहीं बांटीं, बल्कि स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों को भी अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने का मंच दिया। इस तरह दिल्ली हाट में सजा तीज उत्सव परंपरा, संस्कृति और स्थानीय हुनर के खूबसूरत संगम में बदल गया।