3.5 करोड़ की लागत से 6.23 एकड़ में तैयार हुई पार्किंग, ग्रीन पेवर ब्लॉक्स से जलभराव की समस्या भी होगी दूर
चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट आने वाले वकीलों, वादियों और आम लोगों को पार्किंग की समस्या से बड़ी राहत मिली है। चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने हाईकोर्ट के बाहर खाली और पथरीली जमीन पर तैयार की गई ग्रीन पार्किंग को आम लोगों के लिए खोल दिया है।
करीब 3.5 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस पार्किंग का निर्माण 6.23 एकड़ क्षेत्र में किया गया है। यहां एक समय में 700 से अधिक वाहनों को खड़ा करने की सुविधा उपलब्ध होगी। लंबे समय से हाईकोर्ट परिसर के आसपास पार्किंग की कमी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
प्रशासन ने इस पार्किंग को पर्यावरण अनुकूल तरीके से विकसित किया है। परिसर में ग्रीन पेवर ब्लॉक्स लगाए गए हैं, जिनके बीच घास उगाई जाएगी। इसके अलावा जगह-जगह पेड़ भी लगाए गए हैं, ताकि हरियाली बनी रहे और वाहनों को प्राकृतिक छाया मिल सके। इन पेवर ब्लॉक्स की खासियत यह है कि बारिश का पानी जमीन के अंदर आसानी से पहुंच सकेगा, जिससे जलभराव की समस्या कम होगी।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस क्षेत्र में ग्रीन पेवर ब्लॉक्स लगाने की अनुमति दी थी। इसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने लैंडस्केप कंसल्टिंग कंपनी से इसका डिजाइन तैयार करवाया। यह क्षेत्र यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कैपिटल कॉम्प्लेक्स का हिस्सा होने के कारण निर्माण कार्य को हेरिटेज मानकों के अनुसार पूरा किया गया।
वर्ष 2023 की हेरिटेज इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट में यहां भूमिगत मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का विरोध किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि इससे धरोहर क्षेत्र के स्वरूप पर असर पड़ सकता है और यातायात व प्रदूषण बढ़ने की संभावना है। इसके बाद प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन पार्किंग का विकल्प चुना।