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लुधियाना/यूटर्न/18 मई। बुड्ढा दरिया की सफाई को लेकर आयोजित 37वीं समीक्षा बैठक में प्रशासन ने कड़े फैसले लेते हुए साफ कर दिया है कि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विशेष रूप से उन डेयरियों पर कार्रवाई होगी जो फ्लो मीटर नहीं लगा रहीं, भूजल का अत्यधिक दोहन कर रही हैं या दरिया में गोबर और गंदा पानी डाल रही हैं। राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने स्पष्ट कहा कि बुड्ढा दरिया को प्रदूषित करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को निर्देश दिए कि ऐसे उद्योगों और डेयरियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। बैठक में डेयरी मालिकों को पानी के स्टोरेज टैंक लगाने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि कई डेयरियों में मामूली जरूरत के लिए भी मोटर चलाकर सैकड़ों लीटर पानी बर्बाद किया जा रहा है। संत सीचेवाल ने चिंता जताई कि भूजल का अत्यधिक दोहन भविष्य में गंभीर संकट पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि एनजीटी के नियमों के अनुसार प्रति पशु प्रतिदिन 100 लीटर पानी की अनुमति है, लेकिन कई डेयरियों में इसका उपयोग 500 लीटर तक पहुंच रहा है।