लुधियाना में बड़ा फूड सेफ्टी स्कैंडल: 140वें जश्न में कर्मचारियों को एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक, शिकायत करने वाले को नौकरी से निकाला
लुधियाना 16 May : एक नामी कोल्ड ड्रिंक निर्माता कंपनी पर गंभीर लापरवाही और उपभोक्ता सुरक्षा से खिलवाड़ के आरोप सामने आए हैं। कंपनी के 140वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान कर्मचारियों को कथित तौर पर एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक परोसी गई। मामले ने अब जनस्वास्थ्य और फूड सेफ्टी सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
बस्ती जोधेवाल निवासी साहिल, जो पिछले छह महीनों से कंपनी के प्लांट में कार्यरत था, ने आरोप लगाया कि 8 मई को आयोजित समारोह में 70-80 कर्मचारियों को खाद्य सामग्री के साथ 200 मि.ली. कोल्ड ड्रिंक दी गई। एक कर्मचारी द्वारा बोतल की एक्सपायरी डेट जांचने पर सामने आया कि पेय पदार्थ की अवधि समाप्त हो चुकी थी। साहिल के अनुसार, यह सिर्फ एक बोतल नहीं बल्कि कई बोतलें एक्सपायर्ड थीं, जिससे यह एक सुनियोजित लापरवाही प्रतीत होती है।
शिकायत के बावजूद प्रबंधन द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर साहिल ने घटना का वीडियो बनाकर कंपनी अधिकारियों के व्हाट्सएप ग्रुप्स में साझा किया। आरोप है कि इसके बावजूद न तो माफी मांगी गई और न ही उत्पाद वापस लिया गया। उल्टा 14 मई को साहिल को “कंपनी की छवि खराब करने” के आरोप में तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया।
साहिल ने यह भी दावा किया कि एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई, उल्टियां शुरू हो गईं और उसे ईएसआई अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। उसने मेडिकल दस्तावेज भी दिखाए हैं।
मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि साहिल के अनुसार जिस हब से यह पेय कर्मचारियों को परोसा गया, वहीं से बाजार में भी सप्लाई होती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आम उपभोक्ताओं को भी एक्सपायर्ड या असुरक्षित उत्पाद बेचे जा रहे हैं?
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि Food Safety and Standards Act के तहत एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ बेचना या परोसना दंडनीय अपराध है। फूड सेफ्टी विभाग ने 1-2 दिनों में सैंपलिंग और जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है।
यह मामला केवल एक कंपनी की लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सप्लाई चेन, क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम और नियामक निगरानी पर सवाल खड़े करता है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल श्रमिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ भी है। अब देखना यह होगा कि जांच एजेंसियां इस मामले में कितनी तेजी और पारदर्शिता से कार्रवाई करती हैं।