“आज का युग डिजिटल और तकनीकी ज्ञान का युग है। यदि भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाना है, तो विद्यार्थियों को अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।” यह विचार पालघर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे (IAS) ने उद्घाटन करते समय व्यक्त किए। श्री. रानडे , सोनोपंत दांडेकर शिक्षण मंडली, पालघर द्वारा संचालित सोनोपंत दांडेकर कला, वा. श्री. आपटे वाणिज्य एवं एम. एच. मेहता विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित “स्व. लीलावती पुरुषोत्तमदास संघवी संगणक प्रयोगशाला” के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थितजनो को सम्बोधित कर रहे थे।मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को आयोजित इस उद्घाटन समारोह में जिला परिषद ,पालघर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे ने महाविद्यालय परिसर में स्थापित इस “ स्व.लीलावती पुरुषोत्तमदास संघवी कम्प्यूटर लैब” का विधिवत उद्घाटन किया । यह अत्याधुनिक संगणक प्रयोगशाला प्रीमियर इंटरमीडिएट्स लिमिटेड द्वारा अपने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) उपक्रम के अंतर्गत दांडेकर महाविद्यालय को प्रदान की गई है। कंपनी के निदेशक मनीषभाई पुरुषोत्तमदास संघवी, आशिषभाई शशिकांत संघवी एवं उनके परिवार द्वारा स्वर्गीय लीलावती पुरुषोत्तमदास संघवी की स्मृति में यह प्रयोगशाला महाविद्यालय के सूचना शास्त्र एवं संगणक शास्त्र विभाग को समर्पित की गई।मुख्य अतिथि मनोज रानडे ने अपने सम्बोधन में कहा कि केवल पुस्तक आधारित शिक्षा अब पर्याप्त नहीं रह गई है।श्री.रानडे ने आगे कहा की विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना भी बहुत ही आवश्यक है और उसके लिए उद्योगपतियों ने आर्थिक मदद करना जरुरी है । आधुनिक संगणक प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों में नवाचार, शोध, रचनात्मकता और आत्मविश्वास विकसित करती हैं तथा उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराती हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में भी महानगरों जैसी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराना समय की मांग है।
कार्यक्रम के विशेष अतिथि पालघर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विवेकानंद कदम ने कहा कि आधुनिक तकनीक आज शिक्षा, उद्योग, प्रशासन और रोजगार के प्रत्येक क्षेत्र का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। ऐसे समय में विद्यार्थियों को अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में किसी से पीछे न रहें।
दानदाता कम्पनी प्रीमियर इंटरमीडिएट्स लिमिटेड के निदेशक मनीषभाई संघवी ने अपने सम्बोधन में कहा कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए शिक्षा क्षेत्र में यह योगदान देना उनके परिवार के लिए बहुत ही प्रसन्नता का विषय है।श्री. संघवी ने आगे कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराना भविष्य के सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस संगणक प्रयोगशाला का सकारात्मक उपयोग कर देश एवं समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सोनोपंत दांडेकर शिक्षण मंडली, पालघर के अध्यक्ष सी. ए. सचिन कोरे ने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी संसाधनों का विस्तार अत्यंत आवश्यक हो गया है। आधुनिक शिक्षा और तकनीकी कौशल का समन्वय विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है। श्री. कोरे ने विश्वास व्यक्त किया कि यह संगणक प्रयोगशाला विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल विकास, डिजिटल प्रशिक्षण एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा को नई दिशा प्रदान करेगी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. किरण सावे ने स्वागत एवं प्रास्ताविक भाषण में कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल और तकनीकी ज्ञान प्रत्येक विद्यार्थी की मूल आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने दानदाता परिवार एवं प्रीमियर इंटरमीडिएट्स लिमिटेड के मैनेजमेन्ट के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रयोगशाला विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
इस अवसर पर प्रीमियर इंटरमीडिएट्स लिमिटेड के निदेशक मनीष संघवी व आशिष संघवी सहित सोनल संघवी, पूजा संघवी एवं यश संघवी उपस्थित रहे। वहीं सोनोपंत दांडेकर शिक्षण मंडली के वरिष्ठ पदाधिकारी जगन्नाथ राऊत, धनेश वर्तक, मंगेश पंडित, सुधीर कुलकर्णी, प्रकाश संखे, अनंत पाटिल, महाविद्यालय के उपप्राचार्य तानाजी पोल, विधि महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. पायल चोलेरा तथा निमंत्रित सदस्य रामप्रकाश निराला सहित शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, विद्यार्थी एवं अनेक मान्यवर बड़ी संख्या में उपस्थित थे।पूरा समारोह उत्साह, प्रेरणा, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं शिक्षा के प्रति समर्पण की भावना से ओतप्रोत वातावरण में सम्पन्न हुआ।