जिला पुलिस अधीक्षक ने आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बैठक आयोजित कर वर्ष 2026 में दर्ज आर्थिक अपराधों की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान विशेष रूप से धोखाधड़ी, लेनदेन तथा कबूतरबाजी (इमीग्रेशन फ्रॉड)
से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अश्विनी वालिया कुरुक्षेत्र
पुलिस अधीक्षक ने वर्ष 2026 में दर्ज आर्थिक अपराध से सम्बंधित मुकदमों में की जा रही कारवाई की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने कबूतरबाजी व धोखाधड़ी के मामलों में गहनता से जांच कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के आदेश दिए।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों की जांच को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा किया जाए तथा प्रत्येक केस में तथ्यों और साक्ष्यों का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया जाए। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराध सीधे तौर पर आम नागरिकों की मेहनत की कमाई से जुड़े होते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि धोखाधड़ी के मामलों में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए आरोपियों तक जल्द से जल्द पहुंच बनाकर काबू किया जाए। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए संबंधित टीमों को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनने तथा विशेषज्ञ एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। कबूतरबाजी से जुड़े
मामलों में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की जाए, जो
लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगी करते हैं। उन्होंने पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को ईमानदारी, पारदर्शिता
और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आमजन का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इसे हर हाल में कायम रखा जाना चाहिए।