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पंचकूला में साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने और आम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की टीम द्वारा एक महत्वपूर्ण साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 29 अप्रैल को सेक्टर-20 स्थित श्री राम मंदिर, सन सिटी सोसायटी में थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें सोसायटी के अनेक सदस्यों ने भाग लिया। इस अवसर पर हरियाणा पुलिस द्वारा शुरू किए गए “ड्यूल ओटीपी सिस्टम” के बारे में विशेष जानकारी दी गई। थाना प्रभारी ने बताया कि यह नई व्यवस्था विशेष रूप से “डिजिटल अरेस्ट” जैसे बढ़ते साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए लागू की गई है। इस पहल के तहत एचडीएफसी बैंक के सहयोग से प्रारंभिक चरण में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के खाताधारकों को शामिल किया गया है। इस सुविधा के अंतर्गत किसी भी वित्तीय लेन-देन के दौरान आने वाला ओटीपी केवल खाताधारक के पास ही नहीं, बल्कि उनके द्वारा नामित विश्वसनीय परिजन जैसे बेटे, बेटी या अन्य सदस्य के पास भी भेजा जाएगा। दोनों की पुष्टि के बाद ही ट्रांजेक्शन पूर्ण होगा, जिससे धोखाधड़ी की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी। इसके अतिरिक्त, खाताधारकों के लिए ट्रांजेक्शन लिमिट निर्धारित करने की भी व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसी भी अनधिकृत लेन-देन को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उच्च स्तर पर भारतीय रिजर्व बैंक एवं विभिन्न बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत योजना तैयार की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों जैसे ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, निवेश धोखाधड़ी और “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए तरीकों से ठगी के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने नागरिकों को सतर्क रहने, अज्ञात कॉल्स और लिंक से बचने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देने की सलाह दी। कार्यक्रम के अंत में पुलिस टीम ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करें और अपने परिवार, विशेषकर बुजुर्गों को भी इसके प्रति जागरूक करें, ताकि मिलकर साइबर अपराधों के खिलाफ मजबूत रक्षा तंत्र तैयार किया जा सके।