भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह अपने राजनीतिक मार्गदर्शक अरविंद केजरीवाल की तर्ज पर न्यायपालिका से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
चुग ने कहा कि मानसा की अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से बचने के लिए मुख्यमंत्री ने 1 मई को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। उनके अनुसार, यह कदम न्यायिक प्रक्रिया से बचने और अदालत की गरिमा को कमजोर करने की कोशिश है।
उन्होंने दावा किया कि अदालत की टिप्पणियों के अनुसार, मुख्यमंत्री वर्ष 2022 से अब तक एक बार भी व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए हैं और लगातार विभिन्न कारणों से छूट मांगते रहे हैं। चुग ने कहा कि अदालत ने इस रवैये पर सख्त टिप्पणी करते हुए चेतावनी दी है कि अगली सुनवाई पर अनुपस्थित रहने की स्थिति में जमानत रद्द की जा सकती है।
चुग ने यह भी कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने की मांग को अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है, इसके बावजूद मुख्यमंत्री अदालत में पेश होने से बच रहे हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि पिछले चार वर्षों में पहली बार मजदूर दिवस (1 मई) पर विधानसभा सत्र बुलाया जाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार मजदूरों की समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है और अब शासन को ढाल बनाकर अदालत से बचने का प्रयास किया जा रहा है।
चुग ने आम आदमी पार्टी पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली से लेकर पंजाब तक पार्टी नेतृत्व ने बार-बार अदालतों की अवहेलना की है।