लुधियाना यूटर्न 28 अप्रैल पंजाब की राजनीति में हड़कंप की स्थिति पैदा हो चुकी है 7 सांसदों के भाजपा में जाने के बाद यह राजनीतिक द्वंद आपके में और पुराने नेताओं के बीच शुरू हो चुका है सोशल मीडिया पर कई तरह के चर्चाएं आम है चैनल अपने विचार पेश कर रहे हैं राजनीतिक विश्लेषक अलग-अलग एंगल से अपना पक्ष रख रहे हैं पंजाब में विपक्ष मुखर हो चुका है आप के बागी सांसदों से पहले ही कई तरह के बयान विपक्षी नेताओं द्वारा दिए जा रहे हैं कोई कह रहा है कि महाराष्ट्र की तरह ऑपरेशन लोटस यहां भी शुरू हो चुका है अब मौजूदा सरकार के विधायकों पर नजर रखी जा रही है हालांकि पंजाब सरकार ने हर तरह की चर्चाओं को विराम लगाते हुए कहा है कि यह सब खयाली पुलाव है परंतु भीतर ही भीतर सब नेता सावधान हो गए हैं बैठकों का दौर बढ़ गया है फोन पर आधी रात तक पंजाब के मुद्दों पर ही चर्चा होती रहती है यही स्थिति हर वर्ग के लोगों में देखी जा सकती है परंतु चैन की नींद कोई नहीं सो रहा बल्कि यह कहा जा रहा है कि मर्ज बढ़ता जा रहा है ज्यो ज्यो दवा की जा रही है पंजाब सरकार द्वारा राष्ट्रपति से पहुंच बनाने की कोशिश है जारी है ताकि सांसदों को रीकॉल किया जा सके
पंजाब की राजनीति पर चर्चा सबसे अधिक क्यों?
राज्यसभा के सांसदों के भाजपा में ज्वाइन करने के बाद पंजाब की राजनीति पर सबसे अधिक चर्चा हो रही है क्योंकि राघव चड्ढा 60+ विधायकों से करीबी का दावा किया जा रहा है राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़ भाजपा जॉइन कर ली। इस दौरान चड्ढा के करीबियों के जरिए दावा किया गया कि पंजाब के मौजूदा AAP विधायकों में से 60+ विधायक राघव चड्ढा के संपर्क में हैं। इससे पंजाब में AAP की सरकार को संकट हो सकता है। हालांकि चड्ढा ने इसको लेकर खुलकर कुछ नहीं कहा है। परंतु राजनीतिक विचलेश को का कहना है कि संपर्क होने से क्या होता है जब टिकट बनती गई थी तब राघव चड्ढा ही पंजाब में सबसे अधिक सक्रिय थे लिहाजा हुए सब के संपर्क में आए होंगे
संदीप पाठक के पास सब विधायकों का लेखाजोखा:
राज्यसभा सांसद डॉ. संदीप पाठक ने भी भाजपा जॉइन की। वह पंजाब में AAP की स्ट्रेटजी बनाने का काम करते थे। उनके करीबियों का दावा है कि पाठक के पास पंजाब के हर AAP विधायक का बायोडेटा है। इसमें सिर्फ उनका प्रोफाइल ही नहीं बल्कि उनके हर तरह के कामों की जानकारी पाठक को है। यह भी चर्चा है कि AAP की तरफ से जो विधानसभा क्षेत्रवाइज टीम लगाई गई है, उनकी नियुक्ति भी संदीप पाठक ने ही की है। ऐसे में पाठक AAP को झटका दे सकते हैं।
AAP ने राज्यसभा सांसद भाजपा की ऑफिशल वेबसाइट पर
AAP सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल को चिट्ठी लिखकर राज्यसभा के रिकॉर्ड में AAP सांसदों के नाम के आगे से बिना इजाजत पार्टी का नाम हटाने पर जवाब मांगा। उन्होंने इस मामले की तुरंत जांच और जल्द लिखित जवाब देने का अनुरोध किया है। दूसरी और BJP में शामिल होने वालों में राघव चड्ढा के अलावा अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं। राज्यसभा की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी इन सांसदों को BJP के सदस्यों के रूप में दिखाया गया है। विधायकों के अलावा 9 पूर्व मंत्रियों के नाम भी राघव चड्ढा के संपर्क में होने को लिए जा रहे हैं इन पूर्व मंत्रियों में अनमोल गगन मान, चेतन सिंह जौड़ामजरा, कुलदीप सिंह धालीवाल, ब्रह्म शंकर जिम्पा, बलकार सिंह, इंद्रबीर सिंह निज्जर, फौजा सिंह सरारी, विजय सिंगला के अलावा लालजीत भुल्लर के नाम शामिल हैं। लालजीत भुल्लर डीएम रंधावा सुसाइड केस में जेल में हैं।
क्या राघव चड्ढा सीएम फेस बन सकते हैं ?
चर्चाओं में यह भी सामने आगामी चुनाव में राघव चढ्ढा मुख्यमंत्री का चेहरा बन सकते हैं परंतु भाजपा के नेताओं का कहना है कि ऐसा होना मुश्किल है भाजपा में वरिष्ठ नेताओं पूर्व मंत्रियों तथा कार्यकर्ताओं की एक लंबी सूची है बीजेपी कभी भी अपने पुराने नेताओं की अनदेखी नहीं करती हाल ही में नगर निगम चुनावो को लेकर भाजपा ने प्रभारियो की एक सूची बनाई है जिसमें सभी पुराने वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है उन्होंने कहा कि भाजपा में कुछ पाने के लिए कुछ बेहद कमाल का करना जरूरी होता है।
आम आदमी पार्टी में हलचल
वर्तमान समय में पैदा हुए हालात को देखकर आम आदमी पार्टी में भी काफी हलचल दिखाई दे रही है मीटिंग होगा दौर जारी है कल भी कई महत्वपूर्ण मीटिंग होने वाली है मुख्यमंत्री भगवान सिंह मान का कहना है कि जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं उन्होंने तो कभी सरपंच का चुनाव भी नहीं लड़ा और ना ही उनका कोई वोट बैंक है ऐसे में वह पंजाब की राजनीति को प्रभावित नहीं कर सकते फिर सभी विधायक पार्टी के साथ है कोई भी पार्टी छोड़कर जाने वाला नहीं है उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उनकी पार्टी पंजाब में फिर से बहुमत पेश करेगी