चंडीगढ़/यूटर्न/23 अप्रैल। गुरुग्राम में एक 30 वर्षीय मेडिकल छात्र ने कथित तौर पर अपने पीजी (पेइंग गेस्ट) आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पीजी के मालिक ने कमरे से बदबू आने पर पुलिस को बुलाया, और दरवाज़ा तोड़कर शव को बाहर निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है और परिवार को सूचित कर दिया है। कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। शव लगभग पाँच दिन पुराना था और पूरी तरह से सड़ चुका था। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अंकित के रूप में हुई है, जो महेंद्रगढ़ ज़िले के खमपुरा गाँव का रहने वाला था। वह कुछ समय से एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था, और जनवरी 2026 से आईएमटी, मानेसर पुलिस थाना क्षेत्र के बस कुशला गाँव में स्थित 'श्री कृष्णा पीजी' में रह रहा था।
कमरे से आने लगी बदबू
बुधवार रात को, जब पीजी के कमरे से बदबू आने लगी, तो अन्य किराएदारों और पीजी के मालिक कपिल यादव ने दरवाज़ा खटखटाया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। किसी अनहोनी की आशंका होने पर उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाज़ा तोड़ा, तो अंकित का शव फांसी पर लटका हुआ मिला।
15 अप्रैल को हुई परिवार से बात
परिवार ने बताया कि अंकित ने आखिरी बार 15 अप्रैल को उनसे बात की थी। उसके बाद से उसका मोबाइल फ़ोन बंद आ रहा था। पीजी में रहने वाले अन्य लोगों ने बताया कि अंकित का स्वभाव शांत था और वह शायद ही कभी दूसरों से बातचीत करता था। वह अपना ज़्यादातर समय कमरे में पढ़ाई करते हुए बिताता था। मृत्यु का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, फिलहाल हम अंकित के कॉल रिकॉर्ड और पीजी आवास के CCTV फुटेज की जांच कर रहे हैं।
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