पंचकूला पुलिस ने मनसा देवी कॉम्प्लेक्स थाना क्षेत्र में दर्ज किडनैपिंग और जबरन वसूली के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ₹10 हजार नकद, चांदी का एक ब्रेसलेट और दो अंगूठियां बरामद की हैं।
यह मामला 3 दिसंबर 2025 को सामने आया था, जब लुधियाना निवासी एक व्यक्ति ने अपने साले संदीप के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के अनुसार संदीप 2 दिसंबर की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब था और उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था।
मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह ने शुरू की। जांच के दौरान पीड़ित के बैंक खातों की जानकारी जुटाई गई, जिसमें संदिग्ध लेन-देन सामने आए। इसी बीच हरिद्वार के इंडस्ट्रियल एरिया चौकी से सूचना मिली कि लापता युवक वहां मौजूद है। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पीड़ित को सकुशल बरामद कर मेडिकल परीक्षण करवाया गया।
पीड़ित ने बयान में बताया कि आरोपियों ने उसे जबरन स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाया और उससे पैसे वसूले। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सोशल मीडिया ऐप के जरिए पीड़ित से संपर्क किया था और योजनाबद्ध तरीके से उसे बुलाकर वारदात को अंजाम दिया।
इस मामले में आरोपी अजय, दीपेश उर्फ दीपू, आशिष उर्फ गोलू और रवि कुमार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो गाड़ी और कई मोबाइल फोन बरामद किए थे। फरवरी 2026 में चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अजय, गोलू, दीपू और अंकित पहले भी गुरुग्राम में किडनैपिंग और जबरन वसूली की वारदातों में शामिल रह चुके हैं।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि पुलिस टीम ने 20 अप्रैल को मुख्य आरोपी अंकित सागवान निवासी चरखी दादरी, हरियाणा को गिरफ्तार किया। आरोपी की जमानत पहले ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा खारिज की जा चुकी थी। आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।