Uturn Time
Breaking
Ludhiana: नगर निगम कर्मचारियों का पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन Amritsar: अमृतसर में रेलवे ट्रैक के पास फिर मिला संदिग्ध कैमरा, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप Jalandhar: PM मोदी के स्वागत की तैयारी तेज, केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने लिया इंतजामों का जायजा Amritsar: बब्बर खालसा इंटरनेशनल नेटवर्क पर शिकंजा,हथियारों और विस्फोटकों की खेप बरामद, सीआई ने तीन तस्करों को दबोचा New Delhi: भारत ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का किया सफल परीक्षण, 60 किमी दूर लक्ष्य पर साधा सटीक निशाना Dehradun: उत्तराखंड बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य, 98.7% साक्षरता दर का बनाया रिकॉर्ड Jalandhar: PM मोदी के कार्यक्रम से पहले जालंधर कैंट स्टेशन की तैयारियों का निरीक्षण, रवनीत बिट्टू ने परखी व्यवस्थाएं रेलवे क्वार्टर से मिली टेक्नीशियन की लाश, बदबू आने पर पता चला इनीशिएटर्स ऑफ चेंज के नेतृत्व में सतलुज फिल्म की बहाली को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन सेंसेक्स 1,677 अंक गिरा, गिरावट के तीन मुख्य कारण निकलकर आए सामने जगतार सिंह को मिला प्रमोशन, जॉइंट सीपी ने इंस्पेक्टर पद पर किया पदोन्नत लुधियाना में राजस्व पटवार यूनियन की बैठक, जालंधर में प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान
Logo
Uturn Time
लेखक: अमनजीत सिंह | कुपवाड़ा जम्मू–कश्मीर : 10 Feb प्रोत्साहन और गर्व से भरे एक भावनात्मक कदम के तहत, भारतीय सेना ने कुलंगाम, हंदवाड़ा स्थित उनके आवास पर राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी हानन नज़ीर को सम्मानित किया। कुपवाड़ा ज़िले के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले हानन ने इतिहास रचते हुए मध्य प्रदेश में आयोजित अंडर–14 नेशनल स्कूल हॉकी चैंपियनशिप में जम्मू–कश्मीर का प्रतिनिधित्व करने वाले कुपवाड़ा के पहले और एकमात्र बालक बनने का गौरव हासिल किया। सम्मान समारोह में स्थानीय नागरिकों, परिवारजनों और पड़ोसियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं को संवारने और जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के लिए भारतीय सेना का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन पूरे ज़िले के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक बना। साधारण शुरुआत से राष्ट्रीय मंच तक हानन नज़ीर की प्रेरणादायक यात्रा दृढ़ संकल्प, संघर्षशीलता और अटूट मेहनत को दर्शाती है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल कुपवाड़ा को गौरवान्वित किया है, बल्कि जम्मू–कश्मीर की बढ़ती खेल क्षमता को भी उजागर किया है। भारतीय सेना की यह पहल युवाओं को सशक्त बनाने और सकारात्मक बदलाव को प्रोत्साहित करने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दोहराती है—यह साबित करती है कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती।