प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले—भारत–यूके डील से खुलेगा वैश्विक व्यापार का नया द्वार, अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बूस्ट
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : भारत और United Kingdom के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) तथा सामाजिक सुरक्षा अंशदान समझौता 15 जुलाई से लागू होने जा रहा है। सरकार ने इसे ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम बताया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते के लागू होते ही भारत के करीब 99 प्रतिशत निर्यात को ब्रिटेन में शून्य शुल्क (जीरो ड्यूटी) का लाभ मिलेगा। इससे भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और द्विपक्षीय व्यापार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
समझौते का प्रभाव केवल वस्तु व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवाओं के क्षेत्र में भी बड़े अवसर खुलेंगे। सूचना प्रौद्योगिकी, आईटीईएस, शिक्षा, पेशेवर सेवाओं समेत 137 उप-क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों और पेशेवरों को सीधे लाभ मिलेगा।
साथ ही सामाजिक सुरक्षा अंशदान से जुड़े ‘डबल कॉन्ट्रिब्यूशन’ नियमों में भी राहत दी गई है। इसकी अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी गई है, जिससे United Kingdom में कार्यरत भारतीय पेशेवरों और कंपनियों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस समझौते को भारत-ब्रिटेन संबंधों में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे किसानों, श्रमिकों, एमएसएमई, स्टार्टअप और नवाचार क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल व्यापार और निवेश को बढ़ाएगा, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।
वहीं Keir Starmer के साथ जारी संवाद के बीच दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग को और गहरा करने पर भी सहमति जताई है।