चंडीगढ़/यूटर्न/16 जून। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), चंडीगढ़ ने मंगलवार को मैसर्स महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ जांच के सिलसिले में करनाल, दिल्ली और गोवा में अशोक मित्तल, सौरभ ढिंगरा, भारत भूषण मित्तल, रमन सिंघल और अन्य से जुड़ी 11 जगहों पर छापेमारी की। यह मामला मैसर्स महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशकों और अन्य लोगों के खिलाफ सीबीआई की एफआईआर पर आधारित है। इन पर ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और कंसोर्टियम बैंकों को लगभग 155.21 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने वाले बैंक घोटाले के संबंध में आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों का आरोप है। ईडी के अनुसार, आप नेता दीपक सिंगला, उनके भाई रमन सिंघल और उनके मामा अशोक कुमार मित्तल ने धोखाधड़ी वाले लेन-देन करने के लिए भारत और सिंगापुर में आपस में जुड़ी कंपनियों का एक नेटवर्क बनाया और चलाया। साजिश के तहत, जाली और मनगढ़ंत दस्तावेज़ - जिनमें बिल ऑफ़ लैडिंग, बिल ऑफ़ एंट्री, अनुबंध और व्यापार से संबंधित अन्य दस्तावेज़ शामिल हैं - तैयार किए गए और बैंकों को विदेशी लेटर ऑफ़ क्रेडिट (एफएलसी) खोलने और उनकी सीमा को धोखाधड़ी से बढ़वाने के लिए जमा किए गए।
बिल एंट्री और दस्तावेज नकली
ईडी ने दीपक सिंगला की रिमांड कार्यवाही के दौरान पंचकूला की अदालत में कहा, जांच से यह पक्का हो गया है कि इस नेटवर्क द्वारा बैंकों के सामने जमा किए गए बिल ऑफ़ लैडिंग, बिल ऑफ़ एंट्री और अन्य सहायक दस्तावेज़ जाली और नकली थे। इससे यह भी साबित होता है कि इस मामले में सामान (यानी लकड़ी) का कोई वास्तविक आयात नहीं हुआ था, जिससे लेन-देन की धोखाधड़ी वाली प्रकृति की पुष्टि होती है।
आप के गोवा प्रभारी है दीपक
दीपक सिंगला आप के गोवा प्रभारी हैं। सीबीआई ने करनाल में ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स की शाखा को धोखा देने के लिए अशोक मित्तल के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मैसर्स महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड के लिए शुरू में खोले गए विदेशी लेटर ऑफ़ क्रेडिट की कुल राशि 21.48 करोड़ रुपये थी, जबकि धोखाधड़ी से बढ़ाई गई राशि 173.04 करोड़ रुपये थी। ओबीसी शाखा के सीनियर मैनेजर (जिन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है) सुरेंद्र कुमार रंगा ने मई 2022 में ईडी को दिए अपने बयान में बताया कि उनसे लेटर ऑफ़ क्रेडिट की वैल्यू को असीमित राशि तक बढ़ाने का मौखिक अनुरोध किया गया था। इसके बदले में, मित्तल ने कथित तौर पर रंगा को सिंगापुर में बसाने का वादा किया था।
लड़की खरीदने के काम में शामिल थी फर्म
ईडी ने कोर्ट को बताया कि दीपक सिंगला अपने भाई हरीश सिंगला के साथ मैसर्स ट्रैफ़िक मीडिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर थे। मैसर्स ट्रैफ़िक मीडिया, मैसर्स महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड से लकड़ी खरीदने के काम में शामिल थी। साथ ही, दीपक सिंगला के भाई रमन सिंघल मैसर्स अमेज़न एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (एईपीएल) में डायरेक्टर थे, जो मैसर्स महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड को लकड़ी और उससे जुड़े सामान की सप्लाई कर रही थी।
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