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जगरांव नगर परिषद में पिछले कई दिनों से सुलग रही विवाद की चिंगारी सोमवार को उस समय बड़े धमाके में बदल गई, जब गुस्साए सफाई सेवकों ने शहर की मुख्य सड़क पर चक्का जाम कर दिया। सियासी दखलअंदाजी और तानाशाही रवैये के खिलाफ सफाई कर्मियों का गुस्सा इस कदर फूटा कि पूरे शहर की धड़कन रुक गई। घंटों तक ट्रैफिक जाम रहा और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। अंततः, कार्यसाधक अधिकारी (EO) को प्रदर्शनकारियों के बीच आकर लिखित आश्वासन देना पड़ा, जिसके बाद ही जाम खोला गया। ​विवाद की जड़: विधायक का दबाव और अफसर के बदलते तेवर ​मामले की गहराई में जाने पर राजनीतिक खींचतान के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार, हल्का विधायक द्वारा अपने किसी करीबी व्यक्ति को 'मेट' नियुक्त करवाने के लिए कार्यसाधक अधिकारी पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इस दबाव के चलते अधिकारी ने कई बार अपने फैसले बदले, जिससे सफाई सेवकों में भारी असंतोष फैल गया। कर्मियों ने इसे अपने अधिकारों पर सीधा हमला और खुला पक्षपात करार दिया। ​प्रमुख मांग: सिफारिशी नहीं, हकदार को मिले काम:-​संघर्ष कर रहे सफाई सेवकों का रुख साफ था। उनकी मांग थी कि:​दफ्तरों में लंबे समय से तैनात सफाई सेवकों को ही फील्ड में सफाई के काम पर लगाया जाए। ​किसी भी तरह की राजनीतिक सिफारिश या धक्काशाही बर्दाश्त नहीं होगी। ​काम का बंटवारा न्यायसंगत और पारदर्शी तरीके से हो। ​"यह केवल कर्मचारियों की जीत नहीं है, बल्कि सच, न्याय और हमारी अटूट एकता की जीत है। हम किसी भी सूरत में अपने अधिकारों के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे।"-सफाई सेवक यूनियन प्रतिनिधि ​इन संगठनों ने दिया समर्थन:- ​सफाई सेवकों के इस संघर्ष को शहर की विभिन्न जत्थेबंदियों और सामाजिक नेताओं का भरपूर समर्थन मिला। धरने में मुख्य रूप से शामिल हुए: ​नगर सुधार सभा: मास्टर अवतार सिंह, कमलजीत खन्ना, मास्टर मलकीत सिंह। ​व्यापार मंडल: कन्हैया बनाकर गुप्ता अध्यक्ष (आढ़ती एसोसिएशन), राज कुमार भल्ला (जिला प्रधान) ​यूनियन नेता: अवतार सिंह बिल्ला (फूड ग्रेन यूनियन), इंद्रजीत सिंह (किसान यूनियन), बलराज सिंह कोट उमरा (जम्हूरी किसान सभा)। ​सामाजिक कार्यकर्ता: कंचन गुप्ता (ग्रीन मिशन पंजाब), अशोक भंडारी (सांझा पेंशन फ्रंट), निर्मल सिंह धालीवाल। ​अन्य शहरों से पहुंचे नेता: सुनील कुमार (फिरोजपुर), सोमनाथ चोबर (मोगा), गुलशन कुमार (बरनाला), राहुल (जीरा) सहित बड़ी संख्या में महिला कर्मी और गायक संतोष राम गिल भी मौजूद रहे। ​ प्रशासन के लिखित भरोसे के बाद अब शहर में सफाई व्यवस्था सुचारू होने की उम्मीद है, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप और प्रशासनिक कार्यप्रणाली के बीच का यह टकराव आने वाले दिनों में फिर चर्चा का विषय बन सकता है।