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पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के तहत आम जनता से सहयोग मांगते हुए सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखने के दावों के बीच, जगरांव के मोहल्ला 'रानी वाला खू़ह' से एक गंभीर मामला सामने आया है। इलाके के निवासी सुखदेव सिंह ने आरोप लगाया है कि इलाके में कथित तौर पर नशा बेचने वालों के खिलाफ पुलिस को दी गई उसकी गुप्त शिकायत लीक हो गई, जिसके बाद कुछ लोगों ने उसके घर पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। ​क्या है पूरा मामला? ​पीड़ित सुखदेव सिंह ने बताया कि उनके इलाके में कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर 'चिट्टे' (सिंथेटिक ड्रग्स) की बिक्री की जाती है, जिससे मोहल्ले की लड़कियों और आम लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया: ​इस संबंध में उन्होंने पुलिस विभाग को एक गुप्त शिकायत दी थी। ​सुखदेव सिंह का आरोप है कि शिकायत की जानकारी कथित नशा तस्करों तक पहुँच गई। ​इसके बाद तस्करों ने एकजुट होकर उनके घर पर हमला कर दिया। ​पीड़ित ने कहा कि हमले के दौरान वह बाल-बाल बच गए, लेकिन अब उन्हें अपनी जान और माल के नुकसान का डर सता रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में उन्हें कोई नुकसान होता है, तो इसके लिए हमलावर और वह प्रशासनिक लापरवाही जिम्मेदार होगी, जिसकी वजह से उनकी शिकायत सुरक्षित नहीं रही। ​पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल ​पीड़ित ने बताया कि हमले के तुरंत बाद उन्होंने थाना सिटी जगरांव के प्रभारी इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह को फोन किया। उनके अनुसार: ​मौके पर दो पुलिस कर्मचारी पहुँचे। ​हमलावरों की पहचान बताने के बावजूद कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की गई और कर्मचारी वापस चले गए। पीड़ित ने इसे पुलिस की ढीली कार्यप्रणाली बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। क्या कहना है लुधियाना देहाती पुलिस कप्तान का:-​एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता लुधियाना देहाती ने कहा कि नशा तस्करी में शामिल असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की कथित लापरवाही पर उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की गहराई से जांच होगी और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। जिस स्थान पर हमला हुआ, वह शिरोमणि अकाली दल द्वारा नगर परिषद चुनावों के लिए वार्ड नंबर 9 के उम्मीदवार का दफ्तर बताया जा रहा है। ​शिअद (SAD) पूर्व विधायक कलेर का पक्ष: पूर्व विधायक एस.आर. कलेर ने कहा कि जहां हमला हुआ है वह उनके द्वारा मतदान में उतारे गए उम्मीदवार का घर नहीं बल्कि उनके पड़ोसी का घर है। वहीं सूत्रों की माने तो यह वार्ड नंबर 9 से प्रेशर का चुनाव लड़ने वाली बीबी नरेंद्रजीत कौर का दफ्तर है और खबर में प्रकाशित की गई फोटो में नरेंद्रजीत कौर के पति साफ नजर आ रहे हैं। ​मुख्य चिंता: एक तरफ पुलिस जनता से नशे के खिलाफ सूचना मांग रही है, वहीं दूसरी ओर सूचना देने वाले की पहचान लीक होने के आरोप आम जनता के भरोसे के लिए बड़ी चुनौती हैं। अब सबकी नजरें पुलिस की आगामी जांच पर टिकी हैं।